Thursday, November 25, 2010

वजन के बारे में गलत धारणा सेहत को खतरा

हाल ही में हुए एक शोध में विशेषज्ञों ने आशंका जाहिर की है कि अपने वजन के बारे में महिलाओं की गलत धारणा उनके लिए सेहत संबंधी कई परेशानियों का सबब बन सकती है। यह धारणा महिलाएं स्वयं के विश्लेषण के आधार पर ही बना लेती हैं। महिलाओं का एक वर्ग वजन बढ़ने के बाद भी खुद को नॉर्मल मानने का है और कुछ ऐसी गलत धारणा उन महिलाओं को भी हो सकती है, जिनका वजन सामान्य होता है और फिर भी वे खुद को ओबेसिटी का शिकार मान लेती हैं। मतलब महिलाओं में इस तरह के दो समूह हैं, जिनकी गलत धारणा का संबंध सिर्फ वजन को लेकर है। विशेषज्ञों का यह भी कहना है कि प्रत्येक चार महिलाओं में से एक महिला को इस तरह का भ्रम होता है कि उनका वजन नार्मल है या बढ़ रहा है।

टेक्सास मेडिकल ब्रांच, गाल्वेस्टन के शोधकर्ता महबुबुर्रहमान का कहना है कि इस तरह की गलत अवधारण महिलाओं में वजन नियंत्रित करने वाले प्रोग्राम्स और एक्सरसाइज से भी उनका ध्यान हटा देती हैं और वे इनसे वंचित रह जाती हैं। दूसरी ओर वे नार्मल महिलाएं हैं जो खुद को ओवरवेट समझती हैं। वे डाइट पिल्स या अन्य वजन घटाने वाली दूसरी विधियों का उपयोग कर खुद को दूसरी तरह के नुकसानों से ग्रस्त कर लेती हैं।

इसके लिए रहमान महिलाओं को हिदायत देते हैं कि वे अपने वजन की सही जानकारी एकत्र करने के बाद ही यह निर्णय लें कि आखिर उन्हें ओबेसिटी की समस्या है भी या नहीं। उस आधार पर वे वजन घटाने के उपाय करें और गलत धारणा के आधार पर कोई निर्णय न लें नहीं तो सेहत संबंधी अन्य परेशानियां उन्हें सता सकती हैं।

No comments: