Friday, December 3, 2010

पेट को रोकिए तोंद बनने से

सांस लेने, बैठने और खड़े होने जैसी शारीरिक क्रियाओं में पेट की भूमिका काफी अहम होती है। मजबूत और स्वस्थ पेट वाले लोग अपने पॉस्चर को सही रख पाते हैं और पीठ के दर्द से भी नहीं जूझते हैं। पेट चार मांसपेशियों के समूह से बनता है और चार अन्य एब्डॉमिनल मसल्स शरीर के ऊपरी हिस्से को सपोर्ट देती हैं। ये मसल्स तब भी काम करती हैं जब आप अपनी रीढ़ को झुकाते या फिर पीछे की तरफ खींचते हैं। खूबसूरती के हिसाब से बात करें, तो भी एब्डॉमिनल वर्कआउट न सिर्फ शरीर को सही शेप में लाता है, बल्कि उसे सुंदर भी दिखाता है।


ये ट्राय करें: लोअर एब्डॉमिनल स्ट्रेंथनर - खड़े होकर अपने दोनों हाथों को पेट के निचले हिस्से पर रख लें। अब पेट की मांसपेशियों से हाथों को ऊपर की तरफ धकेलने की कोशिश करें, साथ ही साथ पेट को पसलियों के अंदर भी खींचते चलें। इस मुद्रा को 10 तक गिनते हुए थाम कर रखें और फिर छोड़ दें, पांच बार इसे दोहराएं। इस व्यायाम को दिन में पांच बार कीजिए।

लेग राइजज़- पैरों को समतल जगह पर रखकर पीठ के बल लेट जाएं। दोनों हाथों को सीधा रखते हुए धीमे से अपने सीधे पैर को धरातल से 60 डिग्री के एंगल में ऊपर उठाएं। धीरे-धीरे इस पैर को जमीन पर वापस रखें, फिर दूसरे पैर के लिए भी यही प्रक्रिया अपनाएं। शुरुआत में इस व्यायाम को 8 से 10 बार दोहराएं और कुछ दिनों बाद इसका दोहराव बढ़ा दें। ये एक्सरसाइज आपके ऊपरी पेट और पीठ के लिए फायदेमंद है।

कुछ और टिप्स -# इन व्यायामों को बहुत आराम से करें। # व्यायाम के वक्त अपने पेट की मांसपेशियों को महसूस करें। # व्यायाम के वक्त अपने पेट को ज्यादा संकुचित करें। # अपने रोजाना के रुटीन के हिसाब से व्यायाम को व्यवस्थित करें। # टहलते वक्त आपके पैर हाथ और ह्रदय प्रणाली का व्यायाम होता है और ये वजन कम करने में मदद करते हैं, लेकिन सिर्फ टहलने से शरीर सही आकार में नहीं आता है। # याद रखें कि किसी भी व्यायाम का तुरंत लाभ नहीं मिलता है, इसलिए नियमित व्यायाम करें और अपने शरीर को फिट बनाएं।

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