Friday, October 22, 2010

स्किन को जवां बनाती है मिट्टी

खूबसूरत दिखने के लिए लोग क्या-क्या नहीं करते। खासतौर पर अपनी स्किन को आकर्षक बनाए रखने के लिए तो लोग तरह-तरह की तरकीबें इस्तेमाल करते हैं। मगर अब यह काफी आसान हो सकता है। एक रिसर्च से पता चला है कि कई तरह की मिट्टी का इस्तेमाल क्रीम के तौर पर किया जा सकता है। यह क्रीम यानी मिट्टी स्किन इंफेक्शन और स्किन की कई बीमारियों के लिए जिम्मेदार नुकसानदायक बैक्टीरिया से स्किन को बचा सकती है।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, जल्द ही मिट्टी को मेडिसिन के तौर पर यूज किया जा सकेगा। मिट्टी में मौजूद मिनरल्स स्किन को एंटी-माइक्रोबियल्स मुहैया कराते हैं। ये एंटी-माइक्रोबियल्स छोटे जीवाणुओं "सुपर बग्स" की वजह से होने वाले इंफेक्शन से भी लड़ सकते हैं। सुपर बग्स एंटी-बायोटिक्स के असर को खत्म कर देते हैं और हर साल इनकी वजह से हजारों मौतें होती हैं।
अरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी में हुई रिसर्च के मुताबिक, मिट्टी को परंपरागत एंटी-बायोटिक्स की तरह इंजेक्शन या पिल्स के जरिए इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। इसे क्रीम की तरह स्किन पर लगाया जा सकता है, ताकि यह इंफेक्शन को फैलने से
रोक सके।

मिट्टी से इलाज
मिट्टी का इस्तेमाल सैकड़ों सालों से किया जा रहा है। इसे चोटों, पेट की दिक्कतों और दूसरी स्वास्थ्य समस्याओं को दूर करने के लिए यूज किया जाता था। रानी क्लियोपेट्रा की खूबसूरती का राज भी मिट्टी को ही माना जाता है। आज भी मिट्टी को फैशियल के लिए यूज किया जाता है। अब शैली हाइडल और लिंडा विलियम्स मिट्टी के फायदों पर अध्ययन कर रहे हैं। विलियम्स कहते हैं कि मिट्टी के फायदों को देखते हुए हम इसे छोटा दवाओं का स्टोर कह सकते हैं। इसमें सैकड़ों तत्व मौजूद होते हैं। इनमें से कुछ तो बेहद फायदेमंद होते हैं मगर कुछ नुकसानदायक। विलियम्स कहते हैं कि हमारा मकसद इन फायदेमंद तत्वों को खोज निकालना है। नेचुरोपैथी में तो मिट्टी के लाभदायक गुणों को विभिन्न तरह के मिट्टी की पट्टी, लेप के रू प में परंपरागत रूप से उपयोग किया जाता रहा है।

रिसर्च
विलियम्स, हाइडल और उनके सहयोगियों ने दुनिया भर की 20 अलग-अलग मिटि्टयों का सैंपल लिया। इन मिटि्टयों का इस्तेमाल रोग फैलाने वाले बैक्टीरिया पर किया गया। इनमें से फ्रांस की हरी मिट्टी और अमरीका की मिट्टी में बैक्टीरिया को खत्म करने की क्वालिटी देखी गई। उन्होंने उम्मीद जताई कि कई तरह की मिटि्टयों में स्किन क्रीम की तरह यूज किया जा सकेगा। कई कंपनियों ने भी इस रिसर्च को आगे बढ़ाने के लिए कहा है।

चटपटी आलू चाट

सामग्री :
तीन आलू, आधा चम्मच लाल मिर्च पावडर, एक चम्मच भूना जीरा पावडर, एक चम्मच चाट मसाला, आधा कप इमली की चटनी, आधा कप पुदीने की चटनी, दो चम्मच हरा धनिया, तलने के लिए तेल। सजाने के लिए- 1 टमाटर बारीक कटा, पाव कटोरी अनार के दाने, बारीक आलू सेंव।

विधि :
आलू को छीलकर चौकोर टुकड़ों में काट लें। एक पैन में तेल गरम करें और आलू को सुनहरा होने तक तलकर एक बाउल में निकाल लें। अब इसमें लाल मिर्च पावडर, जीरा पावडर और चाट मसाला डाल दें।

स्वादानुसार पुदीने और इमली की चटनी भी डालकर मिक्स कर लें। तैयार आलू चाट को टमाटर व अनार के दानों से सजाकर पेश करें।

साबूदाना चकली

सामग्री :
250 ग्राम साबूदाना, 250 ग्राम उबले आलू, लाल मिर्च 4 चम्मच, जीरा दो बड़े चम्मच, नमक स्वादानुसार।

विधि :
साबूदाने को 5-6 घंटे पानी में भिगोकर धो लें, फिर जीरा सेंक लें व पीस लें। अब मिक्सर में साबूदाना व आलू 250 ग्राम पानी डालकर पीस लें।

नमक व जीरा डालकर अच्छी तरह मिक्स कर लें। अब चकली प्लास्टिक पर बनाएँ और सुखाएँ। इसे घी या तेल में तलकर खाने के काम में ले सकते हैं।

दाँत दर्द के घरेलू नुस्खे

10 ग्राम बायविडंग और 10 ग्राम सफेद फिटकरी थोड़ी कूटकर तीन किलो पानी में उबालें। एक किलो बचा रहने पर छानकर बोतल में भरकर रख लें। तेज दर्द में सुबह तथा रात को इस पानी से कुल्ला करने से दो दिन में ही आराम आ जाता है। कुछ अधिक दिन कुल्ला करने से दाँत पत्थर की तरह मजबूत हो जाते हैं।

* अमरूद के पत्ते के काढ़े से कुल्ला करने से दाँत और दाढ़ की भयानक टीस और दर्द दूर हो जाता है। प्रायः दाढ़ में कीड़ा लगने पर असहय दर्द उठता है। काढ़ा तैयार करने के लिए पतीले में पानी डालकर उसमें अंदाज से अमरूद के पत्ते डालकर इतना उबालें कि पत्तों का सारा रस उस पानी में मिल जाए और वह पानी उबाले हुए दूध की तरह गाढ़ा हो जाए।

* दाँत-दाढ़ दर्द में अदरक का टुकड़ा कुचलकर दर्द वाले दाँत के खोखले भाग में रखकर मुँह बंद कर लें और धीरे-धीरे रस चूसते रहें। फौरन राहत महसूस होगी।

Thursday, October 21, 2010

एग बिरयानी

सामग्री :
दो कप धुले हुए बासमती चावल (दस मिनट के लिए भिगो दें),
छह अण्डे,
एक पतला कटा प्याज,
दस हरी मिर्ची,
एक तेजपत्ता,
चार लौंग,
आधा चम्मच काली मिर्च पाउडर,
एक चम्मच पिसा हुआ अदरक व लहसुन,
एक चम्मच पुलाव मसाला,
नमक स्वादानुसार,
दो चम्मच तेल


अण्डों को उबालें और छिलके उतार लें। तेल गर्म करें और उसमेें सारे मसाले मिला दे कुछ सेकण्ड बाद प्याज मिलाएं । हरी मिर्च और पिसा अदरक लहसुन का मिला दें। पूरा मिश्रण भूरा होने तक तलें। अब दो अण्डे फोड़े कर इसमें डालें। धुले हुए चावल इसमें डाले और कुछ मिनट के लिए तलेें। स्वादानुसार नमक मिलाएं। अब उबले अण्डे डालें और चार कप पानी मिलाएं। चावल के आधे पक जाने तक इसे ढक कर रखें। अब इसमें पुलाव मसाला डालें इसके साथ नींबू का रस इसमें छिड़कें । चावल के पकने (पानी सोखने तक) ढक कर रखें । गर्मागर्म परोसें।

कश्मीरी फिश

सामग्री:
500 ग्राम फिश,
2 टेबलस्पून कटा धनिया,
एक टीस्पून गरम मसाला,
2 लौंग,
2 टीस्पून धनिया पाउडर,
1 टीस्पून जीरा,
2 टीस्पून अदरक,
2 कप दही,
4 हरी मिर्च,
1 कप पानी,
1 चुटकी हल्दी,
1 चुटकी हींग,
3 टेबलस्पून घी और
नमक स्वादानुसार।

 हरी मिर्च के अंदर से सारे बीजें निकाल दें। अब दही लें और थोड़ा नमक मिलाएं। दही को अच्छे से फेंटे। फिश के टुकड़ों को लेकर इस पर हल्दी और नमक डालें। पांच मिनट के लिए मैरीनेट होने दें। एक कड़ाही में घी डालें और फिश के टुकड़ों को सुनहरा भूरा होने तक भूनें। एक पेपर पर निकाल कर रखें जिससे सारा अतिरिक्त घी निकल जाए। अब कड़ाही में बचे हुए घी को फिर गर्म करें।

जीरा, अदरक, हींग और लौंग डाले। अब इसमें दही डालें। तब तक भूनें जब तक कि दही रेडिश ब्राउन न हो जाए। फिर धनिया पाउडर डालकर अच्छे से चलाएं और फिश के टुकड़ों को डालें। नमक व पानी डालकर पकाएं। 20 मिनट धीमी आंच पर पकाएं। अब हरी मिर्च, गरम मसाला, धनिया पत्ती डालें। दसç मनट फिर ढक कर रख दें व इसके बाद आंच से हटा लें। गर्मागर्म सर्व कीजिए।

दम आलू

सामग्री —
आलू (छोटे साइज के)—250 ग्राम,
टमाटर —100 ग्राम,
गरम मसाला—आघा टीस्पून,
जीरा—एक टीस्पून,
घनिया पाउडर—एक टीस्पून,
हल्दी पाउडर—आघा टीस्पून,
लाल मिर्च पाउडर—आघा टीस्पून,
हींग —चुटकी भर,
नमक— स्वादानुसार,
तेल —तड़का लगाने के लिए और
थोड़ी सी ताजी हरी घनिया पत्ती।


विघि —
आलुओं को छीलकर पानी में डाल दें। साथ ही टमाटरो  को मिक्सर में बारीक पीस लें। छीले हुए आलुओं में सींक की सहायता से कई छेद बना दें और डीप फ्राई कर लें। अब प्रेशर कुकर गर्म करें और इसमें तेल डालें। तेल गर्म हो जाने पर हींग और जीरा डाल कर चटकाएं। जीरा चटकने लगे तब पिसे हुए टमाटर डालकर 2 मिनट के लिए भूनें। अब घनिया, लाल मिर्च, हल्दी, नमक और गरम मसाला डाल दें। दो मिनट तक चलाएं और दो ग्लास भर के पानी डालकर प्रेशर कुकर को ढंक दें। गाढ़ा हो जाने पर इसमें आलू डाल दें और घीमी आंच पर पकने दें। लगभग दस मिनट के बाद गैस से उतार लें।  उल में निकाल कर घनिया पत्ती से गार्निश करें और गर्मागर्म पराठे , रोटी अथवा चावल के साथ परोसे।