अब एक ऐसा एमआरआईप्रूफ पेसमेकर, जो आपकी मानसिक स्थिति को भांप कर स्वयं आपके दिल की जरूरतों को पूरा कर देगा। हृदय में इस पेसमेकर को लगवाने के बाद रोगी को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी।
मैक्स हैल्थ केयर के हृदय रोग विभाग के प्रमुख तथा इलेक्ट्रोफिजियोलाजी सर्विसेज के निदेशक प्रोफेसर मोहन नायक ने बुधवार को यहां जर्मनी की कंपनी बायोट्रॉनिक द्वारा तैयार विश्व का सबसे अत्याधुनिक ईविया प्रो एमआरआई पेसमेकर प्रस्तुत करते हुए बताया कि यह पेसमेकर लगवाने के बाद रोगी को एमआरआई में कोई दिक्कत नहीं होगी।
Wednesday, October 20, 2010
एंड्रॉयड टैबलेट
ब्रिटिश टेलीकॉम कंपनी बीनाटोन ने भारतीय बाजार में एंट्री की है और टचस्क्रीन एंड्रॉयड टैबलेट लॉन्च की है। आठ इंच स्क्रीन वाली यह टैबलेट एंड्रॉयड 1.6 पर चलती है। इसकी सबसे बड़ी खूबी दाम है जो 9000 रुपए है, इस तरह यह बाजार की फिलहाल सबसे सस्ती टैबलेट बन गई है। वाई फाई से लैस इस डिवाइस में 128 एमबी की रैम और दो जीबी की इनबिल्ट स्टोरेज है। यह एआरएम 11 - 667 हर्ट्ज प्रोसेसर से चलती है। बीनाटोन का कहना है कि इसके बाद वह 3जी मोबाइल हैंडसेट के बाजार में उतरने का इरादा रखती है। फीचर के मामले में इस टैबलेट में आपको एंड्रॉयड का वर्जन, रैम या प्रोसेसर औरों से थोड़ा कम लग सकता है, लेकिन एंट्री लेवल के हिसाब से टैबलेट एक्सपीरियंस के लिए यह काफी है।
बीनाटोन भारत के कार्यकारी उपाध्यक्ष शनि मूर्ति के अनुसार, "Binatone की प्रौद्योगिकी, उत्पाद विकास और विपणन के क्षेत्र में अगले 12 महीनों में 50 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है. हमारे उत्पाद विशेष रूप से भारत के लिये बनाये गये हैं जो आडियो बूस्ट एवं पावर सेवर विशिष्ट भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुये डिजायन किये गये हैं.
बीनाटोन भारत के कार्यकारी उपाध्यक्ष शनि मूर्ति के अनुसार, "Binatone की प्रौद्योगिकी, उत्पाद विकास और विपणन के क्षेत्र में अगले 12 महीनों में 50 करोड़ रुपए निवेश करने की योजना है. हमारे उत्पाद विशेष रूप से भारत के लिये बनाये गये हैं जो आडियो बूस्ट एवं पावर सेवर विशिष्ट भारतीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुये डिजायन किये गये हैं.
नोकिया एन-8
सिंबियन 3 पर चलने वाला नोकिया का पहला फोन अब दस्तक दे रहा है। ग्लोबल लॉन्चिंग से पहले नोकिया ने एन-8 की प्री बुकिंग शुरू कर दी है। 2000 रुपए के डिपॉजिट के साथ इसकी प्री बुकिंग की जा सकती है। नोकिया ने अभी इसके दाम का खुलासा नहीं किया है, लेकिन अनुमान लगाया जा रहा है कि भारत में एन-8 का दाम 26250 है।
सिंबियन आपरेटिंग सिस्टम के सबसे नए वर्जन पर चलने वाले इस फोन में एन-8 में 12 मेगापिक्सल कैमरे के अलावा, एचडी विडियो रिकॉर्डिंग और एडिटिंग, डॉल्बी डिजिटल सराउंड साउंड सिस्टम और सोशल नेटवर्किंग फीचर दिए गए हैं।
Specifications
सिंबियन आपरेटिंग सिस्टम के सबसे नए वर्जन पर चलने वाले इस फोन में एन-8 में 12 मेगापिक्सल कैमरे के अलावा, एचडी विडियो रिकॉर्डिंग और एडिटिंग, डॉल्बी डिजिटल सराउंड साउंड सिस्टम और सोशल नेटवर्किंग फीचर दिए गए हैं।
Specifications
| eneral | 2G Network | GSM 850 / 900 / 1800 / 1900 |
|---|---|---|
| 3G Network | HSDPA 850 / 900 / 1700 / 1900 / 2100 | |
| Announced | 2010, April | |
| Status | Available. Released 2010, October |
| Size | Dimensions | 113.5 x 59.1 x 12.9 mm, 86 cc |
|---|---|---|
| Weight | 135 g |
| Display | Type | AMOLED capacitive touchscreen, 16M colors |
|---|---|---|
| Size | 360 x 640 pixels, 3.5 inches | |
| - Multi-touch input method - Proximity sensor for auto turn-off - Accelerometer sensor for UI auto-rotate - Scratch resistant Gorilla glass display |
| Sound | Alert types | Vibration; MP3, WAV ringtones |
|---|---|---|
| Speakerphone | Yes | |
| - 3.5 mm audio jack |
| Memory | Phonebook | Practically unlimited entries and fields, Photocall |
|---|---|---|
| Call records | Detailed, max 30 days | |
| Internal | 16 GB storage, 256MB RAM, 512 MB ROM | |
| Card slot | microSD, up to 32GB, buy memory |
| Data | GPRS | Class 33 |
|---|---|---|
| EDGE | Class 33 | |
| 3G | HSDPA, 10.2 Mbps; HSUPA, 2.0 Mbps | |
| WLAN | Wi-Fi 802.11 b/g/n, UPnP technology | |
| Bluetooth | Yes, v3.0 with A2DP | |
| Infrared port | No | |
| USB | Yes, microUSB v2.0, USB On-the-go support |
| Camera | Primary | 12 MP, 4000x3000 pixels, Carl Zeiss optics, autofocus, Xenon flash |
|---|---|---|
| Features | 1/1.83'' sensor size, ND filter, geo-tagging, face detection | |
| Video | Yes, 720p@25fps | |
| Secondary | VGA videocall camera |
| Features | OS | Symbian^3 OS |
|---|---|---|
| CPU | ARM 11 680 MHz processor, 3D Graphics HW accelerator | |
| Messaging | SMS (threaded view), MMS, Email, Push Email, IM | |
| Browser | WAP 2.0/xHTML, HTML, RSS feeds | |
| Radio | Stereo FM radio with RDS; FM transmitter | |
| Games | Yes + downloadable | |
| Colors | Dark Grey, Silver White, Green, Blue, Orange | |
| GPS | Yes, with A-GPS support; Ovi Maps 3.0 | |
| Java | Yes, MIDP 2.1 | |
| - TV-out (720p video) via HDMI with Dolby Digital Plus sound - Anodized aluminum casing - Active noise cancellation with a dedicated mic - Digital compass - MP3/WMA/WAV/eAAC+ player - DivX/XviD/MP4/H.264/H.263/WMV player - Voice command/dial - Document viewer (Word, Excel, PowerPoint, PDF) - Video/photo editor - Flash Lite v4.0 - T9 |
| Battery | Standard battery, Li-Ion 1200 mAh (BL-4D) | |
|---|---|---|
| Stand-by | Up to 390 h (2G) / Up to 400 h (3G) | |
| Talk time | Up to 12 h 30 min (2G) / Up to 5 h 30 min (3G) | |
| Music play | Up to 50 h |
| Misc | SAR US | 1.09 W/kg (head) 0.85 W/kg (body) |
|---|---|---|
| SAR EU | 1.02 W/kg (head) |
पनीर मखनी
आवश्यक सामग्री
250 ग्राम पनीर- लंबे या चौकोर टुकड़े कटे हुए
5 बडे (500 ग्राम) टमाटर 4 टुकड़ों में कटे हुए
2 बड़े चम्मच देसी घी या मक्खन और दो बड़े चम्मच तेल
4-5 कली लहसुन
1 टुकड़ा अदरक- पेस्ट बना हुआ
1 बड़ा चम्मच कसूरी मैथी
1 छोटा चम्मच टमेटो केचप
12 चम्मच जीरा
2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
12 छोटा चम्मच गर्म मसाला
12 कप पानी
12 कप क्रीम
3 बड़े चम्मच काजू का पेस्ट
आधा कप पानी में टमाटरों को उबाल लें। इसके बाद धीमी आंच पर 4-5 मिनिट तब पकाएं जब तक वे नरम न हो जाएं। अब टमाटरों को आंच से उतारें और ठंडा कर लें। अब टमाटरों को पीस कर प्यूरी बना लें।
कढ़ाई में तेल, घी या फिर मक्खन को गर्म कर लें। गैस मंदी कर उसमें जीरा डाल दें। जब जीरा हल्का सा सुनहरा हो जाए तो उसमें अदरक और लहसुन का पेस्ट डाल दें। जब पेस्ट का रंग हल्का सा ब्राउन हो जाए तो उसमें टमाटर का प्यूरी डालकर सूखा होने तक भूनें। इसके बाद अब ग्रेवी में कसूरी मैथी और टमेटो कैचप डाल दें। इसके बाद सभी मसालों धनिया पाउडर, गर्म मसाला, नमक और लाल मिर्च पाउडर को एक साथ डाल दें। कुछ सेकेंड तक अच्छी तरह से मसालों को मिलाएं और जब तक पकाएं जब तक उसमें से तेल ऊपर न तैरने लग जाए। इसके बाद उसमें काजू का पेस्ट डाल दें और 2 मिनिट तक अच्छे से मिलाएं।
अब पानी डालकर अच्छे से उबालें और 4-5 मिनिट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब ग्रेवी में पनीर के टुकड़ों को डाल दें और गैस पर से उतार लें। ठंडा होने के लिए 15 मिनिट के लिए अलग रख दें। ठंडे पनीर के मसाले में इतना दूध डालें कि गाढ़ी करी मिले। दूध को तब ही डालें जब मसाला ठंडा हो जाए। क्योंकि दूध फटेगा नहीं। दूध डालने के बाद करी को धीमी आंच पर गर्म करें। धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए पकाएं जब तक उबाल न आ जाए। । अब पनीर मखनी में क्रीम डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें। कुछ देर बाद गैस पर से उतार लें और गर्मागर्म पनीर पर क्रीम डालें और धनिया पत्ती से सजाएं और नान, रोटी या चावल से साथ परोसें और खाएं।
Sunday, October 17, 2010
कद्दू नहीं, दिल का रामबाण
भोजन की प्लेट में कद्दू को देखकर झुंझलाना अब बंद कर दीजिए, क्योंकि इस उपेक्षित सब्जी में पाए जाने वाले कैरोटिनॉयड न केवल दिल के दौरे का खतरा घटाते हैं, बल्कि आपकी काया को छरहरा बनाए रखने में भी मदद करते हैं।
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि कद्दू दिल के दौरे का खतरा कम करने वाले कैरोटिनॉयडस और सेहत के लिए उपयोगी तत्वों का शानदार स्रोत है। आहार विशेषज्ञ एंडी सरदाना कहती हैं कि कद्दू में अल्फा कैरोटिन और बीटा कैरोटिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये कैरोटिन विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं और विटामिन ए न केवल हृदय को दुरूस्त रखता है बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट वजन भी घटा देते हैं।
आहार विशेषज्ञों का कहना है कि कद्दू दिल के दौरे का खतरा कम करने वाले कैरोटिनॉयडस और सेहत के लिए उपयोगी तत्वों का शानदार स्रोत है। आहार विशेषज्ञ एंडी सरदाना कहती हैं कि कद्दू में अल्फा कैरोटिन और बीटा कैरोटिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये कैरोटिन विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं और विटामिन ए न केवल हृदय को दुरूस्त रखता है बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट वजन भी घटा देते हैं।
Tuesday, October 12, 2010
जरूरी है आयरन
शरीर के विविध तत्वों में से एक तत्व आयरन हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी तत्व है। यह उस तरह के खनिज पदार्थों में से है, जिसकी नियमित पूर्ति बहुत जरूरी होती है, शरीर के लिए, जो हमें अपने दैनिक भोजन से ही प्राप्त होती है। आयरन और इसके अन्य सहयोगी तत्वों जैसे सेलेनियम, कॉपर, जिंक, कोबाल्ट और क्रोमियम की कमी के चलते ही शरीर में कई बीमारियां होने लगती हैं और शरीर का आधार कमजोर होने लगता है।
आदर्श मात्रा
सामान्य तौर पर एक युवा व्यक्ति के लिए 4.5 ग्राम आयरन की मात्रा आदर्श मानी जाती है, लेकिन आयरन की मात्रा किसी भी व्यक्ति के लिए उसकी उम्र, वजन और शारीरिक जरूरतों पर निर्भर करती है, क्योंकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना हीमोग्लोबिन के लाल रक्त कोशिकाएं रक्त में आक्सीजन और अन्य प्रकार के पोषक तत्वों के आदान-प्रदान करने में असहाय होती है।
सामान्य तौर पर एक युवा व्यक्ति के लिए 4.5 ग्राम आयरन की मात्रा आदर्श मानी जाती है, लेकिन आयरन की मात्रा किसी भी व्यक्ति के लिए उसकी उम्र, वजन और शारीरिक जरूरतों पर निर्भर करती है, क्योंकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना हीमोग्लोबिन के लाल रक्त कोशिकाएं रक्त में आक्सीजन और अन्य प्रकार के पोषक तत्वों के आदान-प्रदान करने में असहाय होती है।
यहां भी मददगार
इतना ही नहीं आक्सीडेशन की कमी से होने वाले बुरे प्रभावों को कम करने में भी आयरन बहुत मदद करता है। हीमोग्लोबिन की मदद से ही शरीर में 70 प्रतिशत आयरन की भरपाई होती है। इसके अलावा मांसपेशियों के ऊतकों के निर्माण में यह मायोग्लोबिन के रूप में यह तीन फीसदी तक जरूरी होता है। शरीर के विभिन्न भागों में जैसे- लिवर, किडनी और मेरुदंड में यह हीमोसाइडरिन और साइडरोफिलिन के रूप में संग्रहित होता है। आयरन विशेष तौर पर अंडे के पीले भाग में और मांस में पाया जाता है।
इतना ही नहीं आक्सीडेशन की कमी से होने वाले बुरे प्रभावों को कम करने में भी आयरन बहुत मदद करता है। हीमोग्लोबिन की मदद से ही शरीर में 70 प्रतिशत आयरन की भरपाई होती है। इसके अलावा मांसपेशियों के ऊतकों के निर्माण में यह मायोग्लोबिन के रूप में यह तीन फीसदी तक जरूरी होता है। शरीर के विभिन्न भागों में जैसे- लिवर, किडनी और मेरुदंड में यह हीमोसाइडरिन और साइडरोफिलिन के रूप में संग्रहित होता है। आयरन विशेष तौर पर अंडे के पीले भाग में और मांस में पाया जाता है।
एक्सपर्ट्स व्यू
जरूरी नहीं है कि सिर्फ मांसाहार से ही इसे पाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती है, उन्हें अपने भोजन में विभिन्न प्रकार की दालों और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा गुड़, किशमिश और कुछ मसालें जैसे राई, जीरा और मैथी दाने में भी प्रचुर मात्रा में आयरन शामिल होता है।
जरूरी नहीं है कि सिर्फ मांसाहार से ही इसे पाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती है, उन्हें अपने भोजन में विभिन्न प्रकार की दालों और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा गुड़, किशमिश और कुछ मसालें जैसे राई, जीरा और मैथी दाने में भी प्रचुर मात्रा में आयरन शामिल होता है।
Saturday, October 9, 2010
मामूली नहीं होता पेट दर्द
पेट से ही हमारे पूरे शरीर की सेहत का संबंध है और यहां किसी प्रकार की गड़बड़ी किसी बड़ी समस्या की ओर संकेत हो सकती है, जिसे हल्के से लिया जाना घातक हो सकता है। इसे वैज्ञानिक भाषा मेंएबडॉमिनल पेन या स्टोमक एक, बैली एक के नाम से भी जाना जाता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार एबडॉमिनल केविटी में बहुत सारे अंग होते हैं और इन अंगों में से किसी में भी होने वाली पीड़ा पेट दर्द के रूप में उभर कर सामने आती है। इस तरह का दर्द किसी बीमारी और किसी प्रकार के संक्रमण का कारण भी माना जा सकता है।
कई विविध प्रकार की बीमारियों की अवस्था में एबडॉमिनल पेन या पेट दर्द की समस्या उभरती है। लक्षण ऐसे भी: गालब्लेडर में एबडॉमिनलया जलन होना, एंपेडिक्स के कारण दर्द होता है। गैस्ट्रिक समस्याएं : गैस, कब्ज, फूड पॉइजनिंग, फूड एलर्जी, गेस्ट्रोएंटराइटिस। अन्य: हार्ट बर्न या एसिड रिफ्लिक्स हार्निया, किडनी में पथरी, गाल स्टोन, महिलाओं में मासिक चक्र के कारण, ओवेरियन सिस्ट या कैंसर होने पर, निमोनिया, पेट में अल्सर होने अथवा मूत्र मार्ग में किसी प्रकार के संक्रमण की अवस्था में पेट दर्द कीशिकायत हो सकती है। पांच घंटे या इससे भी अधिक समय तक असहनीय दर्द रहे। उलटी, कब्ज, खाना खाने के बाद पेट दर्द होना। भोजन निगले में दर्द होना। वजन का घटना। मूत्र त्याग करने के दौरान होने वाले दर्द में चिकित्सक से तुरंत मिलें। यदि यह दर्द छाती और कंधों तक फैल जाए और साथ में बुखार भी आ रहा हो और भूख की कमी हो, तो इसे गंभीर मानें।
इसके तहत लेबोरेटरी टेस्ट में ब्लड काउंट, पेंक्रियाज व लिवर एंजाइम्स टेस्ट और यूरिन टेस्ट शामिल होता है। सफेद रक्त कणिकाओं की बढ़ी हुई अवस्था में किसी प्रकार के संक्रमण आदि की आशंका होती है। लाइपेज और एमाइलेस नामक एंजाइम्स का स्तर पेंक्रियाज में बढ़ जात कमी होने पर इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या भी हो सकती है और रेडियोलॉजी करवाई जाती है। साथ ही अल्ट्रासाउंड की मदद भी ली जाती है, जिससे किसी संक्रमण, स्टोन, एपेंडिक्स, आंतों के किसी अवरोधीम अपेणीक्स आदि के बारे में भी पता चलता है। यही नहीं सीटी स्केन की मदद से भी पेट दर्द से सबंधित रोगों की सही स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है। ट्यूमर आदि होने की स्थिति में एमआरआई की सलाह भी दी जाती है। बच्चों के मामले में लापरवाही और भी महंगी पड़ सकती है।
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