Wednesday, October 20, 2010

पनीर मखनी


आवश्यक सामग्री
250 ग्राम पनीर- लंबे या चौकोर टुकड़े कटे हुए
5 बडे (500 ग्राम) टमाटर 4 टुकड़ों में कटे हुए
2 बड़े चम्मच देसी घी या मक्खन और दो बड़े चम्मच तेल
4-5 कली लहसुन
1 टुकड़ा अदरक- पेस्ट बना हुआ
1 बड़ा चम्मच कसूरी मैथी
1 छोटा चम्मच टमेटो केचप
12 चम्मच जीरा
2 छोटा चम्मच धनिया पाउडर
12 छोटा चम्मच गर्म मसाला
12 कप पानी
12 कप क्रीम
3 बड़े चम्मच काजू का पेस्ट

आधा कप पानी में टमाटरों को उबाल लें। इसके बाद धीमी आंच पर 4-5 मिनिट तब पकाएं जब तक वे नरम न हो जाएं। अब टमाटरों को आंच से उतारें और ठंडा कर लें। अब टमाटरों को पीस कर प्यूरी बना लें। 

कढ़ाई में तेल, घी या फिर मक्खन को गर्म कर लें। गैस मंदी कर उसमें जीरा डाल दें। जब जीरा हल्का सा सुनहरा हो जाए तो उसमें अदरक और लहसुन का पेस्ट डाल दें। जब पेस्ट का रंग हल्का सा ब्राउन हो जाए तो उसमें टमाटर का प्यूरी डालकर सूखा होने तक भूनें। इसके बाद अब ग्रेवी में कसूरी मैथी और टमेटो कैचप डाल दें। इसके बाद सभी मसालों धनिया पाउडर, गर्म मसाला, नमक और लाल मिर्च पाउडर को एक साथ डाल दें। कुछ सेकेंड तक अच्छी तरह से मसालों को मिलाएं और जब तक पकाएं जब तक उसमें से तेल ऊपर न तैरने लग जाए। इसके बाद उसमें काजू का पेस्ट डाल दें और 2 मिनिट तक अच्छे से मिलाएं। 

अब पानी डालकर अच्छे से उबालें और 4-5 मिनिट तक धीमी आंच पर पकाएं। अब ग्रेवी में पनीर के टुकड़ों को डाल दें और गैस पर से उतार लें।   ठंडा होने के लिए 15 मिनिट के लिए अलग रख दें।  ठंडे पनीर के मसाले में इतना दूध डालें कि गाढ़ी करी मिले। दूध को तब ही डालें जब मसाला ठंडा हो जाए। क्योंकि दूध फटेगा नहीं। दूध डालने के बाद करी को धीमी आंच पर गर्म करें। धीमी आंच पर लगातार हिलाते हुए पकाएं जब तक उबाल न आ जाए। । अब पनीर मखनी में क्रीम डालें और धीमी आंच पर लगातार चलाते रहें। कुछ देर बाद गैस पर से उतार लें और गर्मागर्म पनीर पर क्रीम डालें और धनिया पत्ती से सजाएं और नान, रोटी या चावल से साथ परोसें और खाएं।

Sunday, October 17, 2010

कद्दू नहीं, दिल का रामबाण

भोजन की प्लेट में कद्दू को देखकर झुंझलाना अब बंद कर दीजिए, क्योंकि इस उपेक्षित सब्जी में पाए जाने वाले कैरोटिनॉयड न केवल दिल के दौरे का खतरा घटाते हैं, बल्कि आपकी काया को छरहरा बनाए रखने में भी मदद करते हैं।

आहार विशेषज्ञों का कहना है कि कद्दू दिल के दौरे का खतरा कम करने वाले कैरोटिनॉयडस और सेहत के लिए उपयोगी तत्वों का शानदार स्रोत है। आहार विशेषज्ञ एंडी सरदाना कहती हैं कि कद्दू में अल्फा कैरोटिन और बीटा कैरोटिन भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। ये कैरोटिन विटामिन ए में परिवर्तित हो जाते हैं और विटामिन ए न केवल हृदय को दुरूस्त रखता है बल्कि शरीर की प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाता है। इसमें पाए जाने वाले एंटीआक्सीडेंट वजन भी घटा देते हैं।

Tuesday, October 12, 2010

जरूरी है आयरन

शरीर के विविध तत्वों में से एक तत्व आयरन हमारे शरीर के लिए सबसे जरूरी तत्व है। यह उस तरह के खनिज पदार्थों में से है, जिसकी नियमित पूर्ति बहुत जरूरी होती है, शरीर के लिए, जो हमें अपने दैनिक भोजन से ही प्राप्त होती है। आयरन और इसके अन्य सहयोगी तत्वों जैसे सेलेनियम, कॉपर, जिंक, कोबाल्ट और क्रोमियम की कमी के चलते ही शरीर में कई बीमारियां होने लगती हैं और शरीर का आधार कमजोर होने लगता है।

आदर्श मात्रा
सामान्य तौर पर एक युवा व्यक्ति के लिए 4.5 ग्राम आयरन की मात्रा आदर्श मानी जाती है, लेकिन आयरन की मात्रा किसी भी व्यक्ति के लिए उसकी उम्र, वजन और शारीरिक जरूरतों पर निर्भर करती है, क्योंकि आयरन शरीर में हीमोग्लोबिन बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। बिना हीमोग्लोबिन के लाल रक्त कोशिकाएं रक्त में आक्सीजन और अन्य प्रकार के पोषक तत्वों के आदान-प्रदान करने में असहाय होती है।
यहां भी मददगार
इतना ही नहीं आक्सीडेशन की कमी से होने वाले बुरे प्रभावों को कम करने में भी आयरन बहुत मदद करता है। हीमोग्लोबिन की मदद से ही शरीर में 70 प्रतिशत आयरन की भरपाई होती है। इसके अलावा मांसपेशियों के ऊतकों के निर्माण में यह मायोग्लोबिन के रूप में यह तीन फीसदी तक जरूरी होता है। शरीर के विभिन्न भागों में जैसे- लिवर, किडनी और मेरुदंड में यह हीमोसाइडरिन और साइडरोफिलिन के रूप में संग्रहित होता है। आयरन विशेष तौर पर अंडे के पीले भाग में और मांस में पाया जाता है।
एक्सपर्ट्स व्यू
जरूरी नहीं है कि सिर्फ मांसाहार से ही इसे पाया जा सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार जिन लोगों के शरीर में आयरन की कमी होती है, उन्हें अपने भोजन में विभिन्न प्रकार की दालों और हरी सब्जियों को शामिल करना चाहिए। इसके अलावा गुड़, किशमिश और कुछ मसालें जैसे राई, जीरा और मैथी दाने में भी प्रचुर मात्रा में आयरन शामिल होता है।

Saturday, October 9, 2010

मामूली नहीं होता पेट दर्द

पेट से ही हमारे पूरे शरीर की सेहत का संबंध है और यहां किसी प्रकार की गड़बड़ी किसी बड़ी समस्या की ओर संकेत हो सकती है, जिसे हल्के से लिया जाना घातक हो सकता है। इसे वैज्ञानिक भाषा मेंएबडॉमिनल पेन या स्टोमक एक, बैली एक के नाम से भी जाना जाता है। चिकित्सा विज्ञान के अनुसार एबडॉमिनल केविटी में बहुत सारे अंग होते हैं और इन अंगों में से किसी में भी होने वाली पीड़ा पेट दर्द के रूप में उभर कर सामने आती है। इस तरह का दर्द किसी  बीमारी और किसी प्रकार के संक्रमण का कारण भी माना जा सकता है।

कई विविध प्रकार की बीमारियों की अवस्था में एबडॉमिनल पेन या पेट दर्द की समस्या   उभरती है। लक्षण ऐसे भी: गालब्लेडर में एबडॉमिनलया जलन होना, एंपेडिक्स के कारण दर्द होता है। गैस्ट्रिक समस्याएं : गैस, कब्ज, फूड पॉइजनिंग, फूड एलर्जी, गेस्ट्रोएंटराइटिस। अन्य: हार्ट बर्न या एसिड रिफ्लिक्स हार्निया, किडनी में पथरी, गाल स्टोन, महिलाओं में मासिक चक्र के कारण, ओवेरियन सिस्ट या कैंसर होने पर, निमोनिया, पेट में अल्सर होने अथवा मूत्र मार्ग में किसी प्रकार के संक्रमण की अवस्था में पेट दर्द कीशिकायत हो सकती है।  पांच घंटे या इससे भी अधिक समय तक असहनीय दर्द रहे। उलटी, कब्ज, खाना खाने के बाद पेट दर्द होना। भोजन निगले में दर्द होना। वजन का घटना। मूत्र त्याग करने के दौरान होने वाले दर्द में चिकित्सक से तुरंत मिलें। यदि यह दर्द छाती और कंधों तक फैल जाए और साथ में बुखार भी आ रहा हो और भूख की कमी हो, तो इसे गंभीर मानें।

इसके तहत लेबोरेटरी टेस्ट में ब्लड काउंट, पेंक्रियाज व लिवर एंजाइम्स टेस्ट और यूरिन टेस्ट शामिल होता है। सफेद रक्त कणिकाओं की बढ़ी हुई अवस्था में किसी प्रकार के संक्रमण आदि की आशंका होती है। लाइपेज और एमाइलेस नामक एंजाइम्स का स्तर पेंक्रियाज में बढ़ जात  कमी होने पर इंटरनल ब्लीडिंग की समस्या भी हो सकती है और रेडियोलॉजी करवाई जाती है। साथ ही अल्ट्रासाउंड की मदद भी ली जाती है, जिससे किसी संक्रमण, स्टोन, एपेंडिक्स, आंतों के किसी अवरोधीम अपेणीक्स आदि के बारे में भी पता चलता है। यही नहीं सीटी स्केन की मदद से भी पेट दर्द से सबंधित रोगों की सही स्थिति का पता लगाने में मदद मिलती है। ट्यूमर आदि होने की स्थिति में एमआरआई की    सलाह भी दी जाती है। बच्चों के मामले में लापरवाही और भी महंगी पड़ सकती है।

Sunday, September 19, 2010

आर्गेनिक टी

लोग अब आर्गेनिक टी और आर्गेनिक फूड को ही इस्तेमाल कर रहे हैं। नॉर्मल चाय में पाया जाने वाला कैफीन मानव शरीर के लिए हानिकारक होता है। इसके ज्यादा उपयोग से कई तरह के नुकसान सामने आए हैं। आजकल लोग अपने स्वास्थ्य के प्रति ज्यादा सजग हो गए हैं यही कारण है कि लोग अब आर्गेनिक टी को अपना रहे हैं। ये चाय सामान्य चाय के मुकाबले ज्यादा स्वादिस्ट और औषधीय गुणों से भरपूर होती है। क्या है आर्गेनिक चाय सामान्य खाद्य पदार्थों की तरह ही चाय का उत्पादन बढ़ाने के लिए इसमें रासायनिक खादों का इस्तेमाल किया जाता है। इनके इस्तेमाल से पैदावार में बढ़त तो होती है ओर इससे उत्पादक को ज्यादा मुनाफा होता है। लेकिन ये रसायन पौधों के साथ मिल कर हमारे शरीर को बहुत नुकसान पहुचाते हैं। आर्गेनिक टी को बिना किसी फर्टिलाइजर और रासायनिक पदार्थों की मदद से पैदा किया जाता है। आर्गेनिक चाय को स्टीम के द्वारा तैयार किया जाता है जिससे इसमें पाया जाने वाला कैफीन खत्म हो जाता है। इसमें पाया जाने वाला कैफीन खत्म नहीं होता और खुशबू भी बनी रहती है।


कैफीन रक्त संचार को बढ़ाने वाला तत्व होता है यही कारण है कि चाय के सेवन से शरीर में ताजगी का एहसास होता है, लेकिन कैफीन के ज्यादा उपयोग से कैंसर और मस्तिष्क संबधी बीमारियों की संभावनाएं ज्यादा बढ़ जाती है। वहीं आर्गेनिक टी को स्टीम मैथड से बनाया जाता है इससे कैफीन की मात्रा कई गुना कम हो जाती है। आॅर्गेनिक में कैटेजिन नामक तत्व होता है जो कि फै ट को कम करता है। शरीर में एंटी आक्सिडेंट की मात्रा को बढ़ाता है जिससे त्वचा ज्यादा सुंदर और आकर्षक होती है।

Sunday, August 8, 2010

पनीर पाकीजा

सामग्री:
पनीर 400 ग्राम
पिसा प्याज = 250 ग्राम
दही = ½ कप
टमाटर प्यूरी = ½ कप
काजू पेस्ट = 1 चम्मच
मक्खन = 1 चम्मच
धनिया पाउडर = 1 चम्मच
खसखस = 1 चम्मच
अदरक पेस्ट = 1 चम्मच
लाल मिर्च पाउडर = 1 चम्मच
हल्दी पाउडर = ¼ चम्मच
गरम मसाला = ¼ चम्मच
छोटी इलायची पिसी = 2-3
हरी मिर्च = 1-2
नमक = स्वादानुसार
भरावन के लिये:
गाढ़ी मलाई = 2 चम्मच
कटी हरी मिर्च = 1 चम्मच
अदरक कसी = 1 चम्मच
सूखा पुदीना पाउडर = 1 चम्मच
खसखस = ½ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर = ¼ चम्मच
नमक = स्वादानुसार
तेल
सजाने के लिये:
क्रीम = ¼ कप
हरी मिर्च
थोड़ा सा हरा धनिया
विधि :
पनीर को किसी कटोरी या ढक्कन से गोल-गोल काट लें। दो-दो का एक सेट बनेगा। भरावन का मसाला तैयार करे और पनीर के एक टुकड़े पर फैलाकर लगा दें। उसके ऊपर दूसरा टुकड़ा रखकर हल्के हाथों से दबा दे, जिससे वे चिपक जाये। पनीर के सभी टुकडे इस तरह तैयार कर लें। एक नानस्टिक तवे पर तेल डालकर हल्का सेक लें। खसखस भुन कर पीस लें और दही में मिला दें।
कड़ाही में चार टेबलस्पून तेल गर्म कर अदरख पेस्ट भूने, फिर इलायची मिलाकर प्याज डालकर भूने। लाल मिर्च, हल्दी, धनिया डालकर तब तक भूने जब तक तेल मसाले से अलग न हो जाये। खसखस मिश्रित दही और काजू पेस्ट डाले। पांच मिनट बाद टमाटर प्यूरी, एक -कप पानी और जो मसाला भरने से बच गया है वह भी इस ग्रेवी में मिलाकर पकाये।
जब तेल ऊपर तैरने लगे तब गरम मसाला, नमक, मक्खन, हरी मिर्च के दो टुकड़े कर ग्रेवी में मिलाये। एक सर्विग डिश में पनीर पाकीजा रखकर ग्रेवी डाले और हरी मिर्च, हरा धनिया व क्रीम से सजाकर परोसें।

बेबी कॉर्न, कैप्सिकम एंड मशरूम तरकारी

सामग्री :
घी = 60 ग्राम
बेबी कॉर्न (उबले हुए) = 200 ग्राम
प्याज = 100 ग्राम
शिमला मिर्च = 100 ग्राम
कटी हुई हरी धनिया = 50 ग्राम
मशरूम = 50 ग्राम
टमाटर = 100 ग्राम
गरम मसाला = ½ चम्मच
लाल मिर्च पाउडर = ½ चम्मच
नमक = स्वादानुसार
विधि :
एक पैन में घी गर्म करें और प्याज को काटकर डालें। कुछ मिनट तक पकाएं फिर कटे हुए बेबी कॉर्न, शिमला मिर्च डालकर धीमी आंच पर पकाएं। मशरूम, नमक और लाल मिर्च डालकर धीमी आंच पर तीन चौथाई गलने तक पकाएं। कटे हुए टमाटर डालकर गलने तक पकाएं। गरम मसाला बुरक कर बारीक कटी हुई हरी धनिया से सजाकर परोसें ।